रक्त दुर्लभ ईश्वरीय देन है जो रक्तदान से ही मिलना संभव-पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह

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सागर

रक्त ऐसी ईश्वरीय देन है जिसे कृत्रिम रूप से निर्मित नहीं किया जा सकता,किसी मनुष्य के दान से ही इसकी उपलब्धता संभव हो सकती है। इसलिए रक्तदान महादान है। यह उद्गार पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने पूज्य श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार जी के प्राकट्य उत्सव के उपलक्ष्य में सागर स्थित वेदांती आश्रम में श्री रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर व निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सागर तथा बुंदेलखंड के अनेक स्थानों पर पूज्य रावतपुरा सरकार महाराज जी के चरणों की कृपा से धर्म और अध्यात्म के साथ लौकिक शिक्षा के रूप में भी मानव कल्याण के सेवा प्रकल्प चल रहे हैं। सागर में पूज्य महाराज श्री ने शिक्षा का केंद्र बनाया और साथ ही भगवान शिव जी की विशाल प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कराया इसके लिए उनका अभिनंदन और बारंबार प्रणाम है। पूर्व गृहमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि संत हमारे जीवन में धर्म और ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

पूर्व गृहमंत्री  भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि महाराज श्री की प्रेरणा से 11 वर्ष पूर्व मैंने अपने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर लगाने की शुरुआत की थी जिसमें अभी तक 14 हजार यूनिट से अधिक रक्तदान हो चुका है। इसी वर्ष लगभग 1600 यूनिट रक्त संग्रहीत किया गया। महाराज जी की प्रेरणा से ही हमने अपने कार्यालय में निःशुल्क ब्लड हेल्पलाइन सेवा आरंभ की जिसके माध्यम से जरूरतमंदों को शीघ्रता से उसी दिन ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। गत सप्ताह 48 जरूरतमंदों को इस हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से निःशुल्क ब्लड उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों के कारण रक्तदान के लिए आमजन में जागरूकता आई है।

इस अवसर पर अपने आशीष वचनों में श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार ने कहा कि सब कुछ प्राप्त हो सकता पर ब्लड नहीं मिल सकता जब तक कि कोई मनुष्य रक्तदान के माध्यम से रक्त नहीं दे। रक्त दान बहुत ही श्रेष्ठ कार्य है। भूपेंद्र सिंह जी ने रक्तदान शिविरों से 14 हजार यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान करने वाले सभी जन साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा टीकाकरण भी बहुत आवश्यक है। ऐसे कार्यों में सभी सहयोग दें।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्री आस्तिक जी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि श्री रामायण जी का अवगाहन है कि बिना हरि की कृपा के प्राप्ति नहीं हो सकती। महाराज जी को देखने का अनुभव अलग ही है। जबलपुर के ग्वारीघाट पर चातुर्मास के दौरान उनके दर्शन करने का सौभाग्य मिलता रहा फिर टीकमगढ़ जिले के छीपरी गांव भी जाना हुआ। उनको देखने से ही ऊर्जा का वेग प्रस्फुटित होता है। सेवा, धर्म का प्रचार, समरसता के कार्य, वेद आध्यात्म की शिक्षा के साथ साथ महाराज जी के प्रकल्पों में लौकिक शिक्षा भी समाज को मिलती है। मनुष्य को 16 संस्कारों और चार पुरुषार्थों की शिक्षा यहां वेदपाठी विप्रों को प्राप्त होती है। उनके जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले पुण्य भागी हैं। उन्होंने कहा कि सभी को रक्तदान करना चाहिए, उन्हें भी जो दूसरों के रक्त से स्वस्थ होते हैं उन्हें भी रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

वेदांती आश्रम पहुंचे पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार व अन्य अतिथियों के साथ रक्तदाताओं को प्रमाणपत्रों का वितरण किया।

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