देवताओं के धन पर किसी का अधिकार नहीं, धार्मिक संपत्तियों की हो सुरक्षा: *अंबिका ब्राह्मण एकता मंच ट्रस्ट

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  • रिपोर्टर::(शिंभू सिंह शेखावत
  • (माचाड़ीअलवर):- पटना (बिहार)- अंबिका ब्राह्मण एकता मंच ट्रस्ट के राष्ट्रीय संयोजक पंडित ब्रजेश पाण्डेय ने कहा है कि बिहार के विभिन्न मठों और मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान, दान पात्रों में जमा होने वाली धनराशि तथा धार्मिक संस्थाओं की भूमि एवं संपत्तियां देवकार्य और धर्मसेवा के लिए समर्पित हैं। इन पर किसी भी व्यवसायी, निजी व्यक्ति अथवा निजी स्वार्थ से प्रेरित संस्था का अधिकार नहीं होना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि मंदिरों और मठों की संपत्तियां सनातन परंपराओं के संरक्षण, धार्मिक गतिविधियों के संचालन तथा समाज कल्याण के कार्यों के लिए उपयोग में लाई जानी चाहिए। धार्मिक आस्था से जुड़ी इन संपत्तियों का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक लाभ या निजी हित के लिए इस्तेमाल करना अनुचित है।
    पं.बृजेश पाण्डेय ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी से वाट्सएप पर कहा कि श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के साथ मंदिरों में दान देते हैं, इसलिए उस धन का उपयोग भी धार्मिक एवं जनहितकारी कार्यों में ही होना चाहिए। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता बनाए रखने और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
    अंबिका ब्राह्मण एकता मंच ट्रस्ट ने संकेत दिया है कि इस विषय को लेकर जल्द ही धार्मिक न्यास बोर्ड, पटना के अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की जाएगी कि धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों और दान राशि में किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप न हो तथा उनके संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
    ट्रस्ट का कहना है कि मंदिरों और मठों की संपत्तियां समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनकी रक्षा और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।

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